Skip to main content
वक्त "वक्त"खत्म हो जाएगी जिंदगी एक दिन मगर वक्त तो फिर भी चलता जाएगा, वक्त की अहमियत को समझ लिया तुमने तो जिंदगी के हर पल को, जी जाओगे और नहीं समझ पाए तो घड़ी को हाथों में बांधकर भी वक्त को रोक न पाओगे, उन बीते पलों को तुम कभी जी ना पाओगे खत्म हो जाएगी जिंदगी एक दिन मगर वक्त तो फिर भी चलता जाएगा | यूँ बीते वक्त को पीछे मुड़कर क्या देखता हैं ए इंसान, तू अब किसे तलाशता हैं जहां आज खड़ा है तू कल फिर पीछे मुड़कर इस वक्त को देखेगा ए इंसान, यू कब तक तू अपने आज को खोएगा खत्म हो जाएगी जिंदगी एक दिन मगर वक्त तो फिर भी चलता जाएगा | तू जी ले हर वक्त को कुछ इस कदर की वक्त भी कहे, यही है वो शख्स जिसने मुझे समझा है, खुलकर हर लमहे को जिया है, तो क्यों ना इसे जिंदगी में थोड़ा और वक्त दिया जाए... क्योंकि वक्त भी उसे ही वक्त देता है जनाब जिसने उस वक्त की अहमियत को समझा हो खत्म हो जाएगी जिंदगी एक दिन मगर वक्त तो भी चलता जाएगा ||
Comments